Traducción de los significados del Sagrado Corán - Traducción india de Al-Mujtasar de la Exégesis del Sagrado Corán

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11 : 57

مَنْ ذَا الَّذِیْ یُقْرِضُ اللّٰهَ قَرْضًا حَسَنًا فَیُضٰعِفَهٗ لَهٗ وَلَهٗۤ اَجْرٌ كَرِیْمٌ ۟

कौन है, जो दिल की ख़ुशी से अपना माल अल्लाह के लिए खर्च करे, तो अल्लाह उसे उसके ख़र्च किए हुए माल का बदला कई गुना बढ़ाकर दे और उसके लिए क़ियामत के दिन एक सम्मानजनक बदला अर्थात् जन्नत है?! info
التفاسير:
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• المال مال الله، والإنسان مُسْتَخْلَف فيه.
• धन अल्लाह का है। इनसान को उसमें उत्तराधिकारी बनाया गया है। info

• تفاوت درجات المؤمنين بحسب السبق إلى الإيمان وأعمال البر.
• ईमान लाने और नेक कार्यों में पहल करने के अनुसार ईमान वालों के दर्जे अलग-अलग होंगे। info

• الإنفاق في سبيل الله سبب في بركة المال ونمائه.
• अल्लाह के रास्ते में खर्च करना धन में बरकत और वृद्धि का कारण है। info