ترجمة معاني القرآن الكريم - الترجمة الهندية للمختصر في تفسير القرآن الكريم

سورة الشرح - अश्-शर्ह़

من مقاصد السورة:
المنة على النبي صلى الله عليه وسلم بتمام النعم المعنوية عليه.
नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर मा'नवी (आध्यात्मिक व आंतरिक) नेमतों की पूर्ति के साथ उपकार करने का वर्णन। info

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1 : 94

اَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ ۟ۙ

निश्चय हमने आपके लिए आपका सीना खोल दिया। इसलिए हमने आपके लिए वह़्य (प्रकाशना) प्राप्त करना प्रिय बना दिया। info
التفاسير:

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2 : 94

وَوَضَعْنَا عَنْكَ وِزْرَكَ ۟ۙ

और हमने आपके पिछले पापों को क्षमा कर दिया, तथा आपके ऊपर से पूर्व-इस्लामिक युग के दिनों का बोझ हटा दिया, जिसमें आप थे। info
التفاسير:
من فوائد الآيات في هذه الصفحة:
• منزلة النبي صلى الله عليه وسلم عند ربه لا تدانيها منزلة.
• नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का अपने रब के पास जो स्थान है, उसकी तुलना नहीं की जा सकती। info

• شكر النعم حقّ لله على عبده.
• नेमतों का शुक्रिया अदा करना अल्लाह का अपने बंदे पर अधिकार है। info

• وجوب الرحمة بالمستضعفين واللين لهم.
• कमज़ोर लोगों पर दया करने और उनके साथ नरमी बरतने की अनिवार्यता। info