કુરઆન મજીદના શબ્દોનું ભાષાંતર - હિન્દી ભાષામાં અલ્ મુખતસર ફી તફસીરિલ્ કુરઆનીલ્ કરીમ કિતાબનું અનુવાદ

अर्-रअ़्द

સૂરતના હેતુઓ માંથી:
الرد على منكري الوحي والنبوة ببيان مظاهر عظمة الله.
अल्लाह की महानता के दृश्यों का वर्णन करके वह़्य और नुबुव्वत (ईशदूत्व) का इनकार करने वालों का खंडन करना। info

external-link copy
1 : 13

الٓمّٓرٰ ۫— تِلْكَ اٰیٰتُ الْكِتٰبِ ؕ— وَالَّذِیْۤ اُنْزِلَ اِلَیْكَ مِنْ رَّبِّكَ الْحَقُّ وَلٰكِنَّ اَكْثَرَ النَّاسِ لَا یُؤْمِنُوْنَ ۟

{अलिफ़॰ लाम॰ मीम॰ रा॰।} सूरतुल-बक़रा के आरंभ में इस प्रकार के अक्षरों के बारे में बात गुज़र चुकी है। इस सूरत की ये उच्च आयतें और क़ुरआन जिसे अल्लाह ने (ऐ रसूल!) आपपर उतारा है, वह सत्य हैं, जिसमें कोई संशय नहीं है, और इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह अल्लाह की ओर से है। किंतु अधिकांश लोग हठ और अहंकार के कारण इसपर ईमान नहीं लाते। info
التفاسير:

external-link copy
2 : 13

اَللّٰهُ الَّذِیْ رَفَعَ السَّمٰوٰتِ بِغَیْرِ عَمَدٍ تَرَوْنَهَا ثُمَّ اسْتَوٰی عَلَی الْعَرْشِ وَسَخَّرَ الشَّمْسَ وَالْقَمَرَ ؕ— كُلٌّ یَّجْرِیْ لِاَجَلٍ مُّسَمًّی ؕ— یُدَبِّرُ الْاَمْرَ یُفَصِّلُ الْاٰیٰتِ لَعَلَّكُمْ بِلِقَآءِ رَبِّكُمْ تُوْقِنُوْنَ ۟

अल्लाह वह है, जिसने खंभों के बिना आकाशों को ऊँचा बनाया, जिन्हें तुम देखते हो। फिर अर्श (सिंहासन) पर बुलंद हुआ, जैसा उसकी महिमा के योग्य है। हम उसके बुलंद होने की कोई दशा एवं स्थिति नहीं निर्धारित करते और न उसे किसी चीज़ के समान क़रार देते हैं। उसने सूर्य एवं चंद्रमा को अपनी सृष्टि के लाभों के लिए वशीभूत कर दिया। सूर्य और चंद्रमा में से प्रत्येक अल्लाह के ज्ञान में एक विशिष्ट अवधि के लिए चल रहा है। वह पाक अल्लाह आसमानों और धरती में पूर्ण मामले का जैसे चाहता है, संचालन करता है। वह अपनी शक्ति को दर्शाने वाली निशानियाँ खोल-खोलकर बयान करता है, ताकि तुम क़ियामत के दिन अपने रब से मिलने पर विश्वास कर लो, फिर उसके लिए अच्छे कार्यों के साथ तैयारी करने लगो। info
التفاسير:

external-link copy
3 : 13

وَهُوَ الَّذِیْ مَدَّ الْاَرْضَ وَجَعَلَ فِیْهَا رَوَاسِیَ وَاَنْهٰرًا ؕ— وَمِنْ كُلِّ الثَّمَرٰتِ جَعَلَ فِیْهَا زَوْجَیْنِ اثْنَیْنِ یُغْشِی الَّیْلَ النَّهَارَ ؕ— اِنَّ فِیْ ذٰلِكَ لَاٰیٰتٍ لِّقَوْمٍ یَّتَفَكَّرُوْنَ ۟

वही अल्लाह है, जिसने धरती को फैलाया और उसमें मज़बूत पर्वत बनाए, ताकि धरती लोगों को लेकर हिलने-डुलने न लगे, तथा लोगों, उनके पशुओं और उनकी फसलों को पानी की आपूर्ति करने के लिए उसमें जल की नदियाँ बनाईं। और सभी तरह के फलों के उसने दो-दो प्रकार बनाए, जैसे कि पशु में नर और मादा। वह रात को दिन पर उढ़ा देता है, तो वह प्रकाशमान होने के बाद अंधेरा हो जाता है। निःसंदेह इस पूर्वोक्त में उन लोगों के लिए निशानियाँ और प्रमाण हैं, जो अल्लाह की रचना में सोच-विचार और चिंतन करते हैं। क्योंकि वही उन प्रमाणों और दलीलों से लाभान्वित होते हैं। info
التفاسير:

external-link copy
4 : 13

وَفِی الْاَرْضِ قِطَعٌ مُّتَجٰوِرٰتٌ وَّجَنّٰتٌ مِّنْ اَعْنَابٍ وَّزَرْعٌ وَّنَخِیْلٌ صِنْوَانٌ وَّغَیْرُ صِنْوَانٍ یُّسْقٰی بِمَآءٍ وَّاحِدٍ ۫— وَنُفَضِّلُ بَعْضَهَا عَلٰی بَعْضٍ فِی الْاُكُلِ ؕ— اِنَّ فِیْ ذٰلِكَ لَاٰیٰتٍ لِّقَوْمٍ یَّعْقِلُوْنَ ۟

और धरती पर पास-पास विभिन्न भू-भाग हैं, और उसमें अंगूरों के बाग़ हैं, तथा उसमें खेती और खजूर के एक ही जड़ से कई तनों वाले पेड़ और एक जड़ से एकल तनों वाले खजूर के पेड़ भी हैं। इन बाग़ों और उन फ़सलों को एक ही पानी से सिंचित किया जाता है। और उनके परस्पर मिले हुए होने और एक ही पानी से सिंचित किए जाने के बावजूद, हम स्वाद और अन्य लाभों में उनमें से कुछ को कुछ पर श्रेष्ठता प्रदान करते हैं। निःसंदेह इस पूर्वोक्त में उन लोगों के लिए दलीलें और प्रमाण हैं, जो बुद्धि रखते हैं। क्योंकि वही उनसे सीख प्राप्त करते हैं। info
التفاسير:

external-link copy
5 : 13

وَاِنْ تَعْجَبْ فَعَجَبٌ قَوْلُهُمْ ءَاِذَا كُنَّا تُرٰبًا ءَاِنَّا لَفِیْ خَلْقٍ جَدِیْدٍ ؕ۬— اُولٰٓىِٕكَ الَّذِیْنَ كَفَرُوْا بِرَبِّهِمْ ۚ— وَاُولٰٓىِٕكَ الْاَغْلٰلُ فِیْۤ اَعْنَاقِهِمْ ۚ— وَاُولٰٓىِٕكَ اَصْحٰبُ النَّارِ ۚ— هُمْ فِیْهَا خٰلِدُوْنَ ۟

(ऐ रसूल) यदि आप किसी चीज़ पर आश्चर्य करते हैं, तो आपके लिए सबसे अधिक आश्चर्य की बात उनका पुनर्जीवन का इनकार करना और इसके इनकार के तर्क के रूप में उनका यह कहना है : क्या जब हम मर जाएँगे और मिट्टी तथा सड़ी-गली हड्डियाँ हो जाएँगे, तो क्या हमें दोबारा जीवित किया जाएगा?! यही मृत्यु के बाद दोबारा जीवित किए जाने का इनकार करने वाले लोग हैं, जिन्होंने अपने पालनहार के साथ कुफ़्र किया, इसलिए मृतकों को पुनर्जीवित कर उठाने की उसकी शक्ति का इनकार कर दिया। और यही लोग हैं जिनके गले में क़ियामत के दिन आग की ज़ंजीरें डाली जाएँगी और यही दोज़ख़ वाले हैं, जो उसमें हमेशा के लिए रहने वाले हैं, न उनका विनाश होगा और न उनकी यातना ख़त्म होगी। info
التفاسير:
આયતોના ફાયદાઓ માંથી:
• إثبات قدرة الله سبحانه وتعالى والتعجب من خلقه للسماوات على غير أعمدة تحملها، وهذا مع عظيم خلقتها واتساعها.
• पवित्र एवं महान अल्लाह के सामर्थ्य का प्रमाण और इस बात पर आश्चर्य कि उसने भारी-भरकम और विस्तृत आसमानों को ऐसे स्तंभों के बिना पैदा किया, जो उन्हें थामे रखें। info

• إثبات قدرة الله وكمال ربوبيته ببرهان الخلق، إذ ينبت النبات الضخم، ويخرجه من البذرة الصغيرة، ثم يسقيه من ماء واحد، ومع هذا تختلف أحجام وألوان ثمراته وطعمها.
• सृष्टि के प्रमाण के साथ अल्लाह की शक्ति और उसकी रुबूबियत (प्रतिपालकता) की पूर्णता को प्रमाणित करना। क्योंकि वह छोटे बीज से विशाल पौधा अंकुरित और निकालता है, फिर उसे एक ही पानी से सैराब करता है। और इसके बावजूद उसके फलों के आकार, रंग और स्वाद भिन्न होते हैं। info

• أن إخراج الله تعالى للأشجار الضخمة من البذور الصغيرة، بعد أن كانت معدومة، فيه رد على المشركين في إنكارهم للبعث؛ فإن إعادة جمع أجزاء الرفات المتفرقة والمتحللة في الأرض، وبعثها من جديد، بعد أن كانت موجودة، هو بمنزلة أسهل من إخراج المعدوم من البذرة.
• अल्लाह सर्वशक्तिमान का छोटे बीजों से विशाल पेड़ों को पैदा करना, जबकि वे पहले अस्तित्वहीन थे, इसमें उन मुश्रिकों का खंडन है, जो मरने के बाद पुनर्जीवन का इनकार करते हैं। क्योंकि ज़मीन में बिखरे और सड़े-गले अवशेषों का फिर से इकट्ठा करना और उन्हें फिर से जीवित करना, जबकि वे पहले अस्तित्व में थे, बीज से अस्तित्वहीन चीज़ को निकालने की तुलना में अधिक आसान है। info